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राही --------● पथ जिसका सुलभ नहीं , सुगमता जिसकी चाह ना राही तो मतवाला मंजिल का, कांटों की उसे परवाह ना राही रस्ता पूछे न , बस निरन्तर कदम बढ़ाए नजर ...