इंतज़ार सच्चे इश्क़ का

0 Part

137 times read

0 Liked

 आज भी इंतज़ार है उस बारिश का जो होगी सच्चे इश्क़ की जो भिगो दे मेरी रूह को  और एहसास दे अपने होने का जो मेरे टूटे दिल को जुड़ा दे ...

×