अंदाज-ए-जिंदगी

1 Part

245 times read

6 Liked

गुरुर-ए-जिंदगी चलती नहीं उम्र भर, ये अपने मन को समझाए रखना, छूना चाहते हो तुम बुलंदियों को अगर, दिल में उम्मीदों का दिया जलाए रखना, काम आना किसी जरूरतमंद के कभी, ...

×