चौहान और लक्ष्य

1 Part

422 times read

14 Liked

निकल पड़ा चौहान  तलवार उठा दम खाने को सिर पर सजा है कफन इस मिट्टी में मिल जाने को। नेत्र उसके अब रहे नहीं इस जग को दिख जाने को हाथों ...

×