मन की मेहरबानियाँ

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जिन्दा रहने के लिए जरुरी तुम वो फिजा हो शाख से टूटे पत्तों की बिखरी हुई खिजाँ हो।। तुम मिरे दिल की रानी इस दिल की रजा हो मोहब्बत में दर्द ...

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