किस्मत में नही

1 Part

288 times read

8 Liked

खुशी के उजाले में गम का अंधेरा क्यों है, जिसे हम चाहे वो हमें रुलाता क्यो है! हे ऊपर वाले जब वो मेरी किस्मत में नही, तो फिर ऐसे लोगों से ...

×