लेखनी प्रतियोगिता -17-Dec-2021

1 Part

235 times read

6 Liked

प्यार..! छोड़ गयी तुम मुझे आशा की किरण देकर, लगा था मुझे आओगी मुड़कर। क्यूँ गयी तुम बीच मझधार,  खेल अपना अधूरा छोड़कर। राह देख रहा हूँ तुम्हारी आँखों में प्राण ...

×