भोर हुई #लेखनी काव्य प्रतियोगिता -27-Dec-2021

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भोर हुई... भोर हुई और मैंने खिड़की खोली.. सूरज की किरणें मुझ से बोली चल आलस नींद त्याग शुरु कर अपना दिन समय ना कर बर्बाद एक एक पल है कीमती ...

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