1 Part
230 times read
9 Liked
सुनो, मैंने गौर से देखा है तेरी उन ठहरी नजरों को क्यूँ ठहरे हो चलो थाम ले हम प्यार की भीगी लहरों को अपने माथे की बिंदी पे कभी कान की ...