आरजू

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मेरी बस यही आखिरी आरजू... ए मेरे देश के फौजियों ! सरहद के रखवालों ! भले ही तुम्हारी खुशी में साथ न रहूँ, लेकिन तुम्हारे हर दर्द, हर गम में साथ ...

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