लेखनी कहानी -30-Jan-2022

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ग़ज़ल  तमाम रास्ते घर का ख़याल आता रहा पहुँच गये तो सफ़र का ख़याल आता रहा बुरे दिनों में हवा ने हमें संभाला मगर हमें चराग़े सहर का ख़याल आता रहा ...

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