1 Part
236 times read
12 Liked
वह फिर उलझन में थी। समझ ही नहीं आ रहा था कि क्या करे ? रोहन उसकी जिंदगी में धूमकेतु की तरह ही आया था। जिसने उसके बंधे बंधाए जीने के ...