लेखनी कहानी -12-Feb-2022

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मैने समंदर से सीखा है जिने का तिरका ।   चुपचाप से रहना । अपनी मौज में बेहना।  चाए लाख दुख आए पर किसी से कुश ना कहना।   समुद्र कहता है ...

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