अंतिम आलिंगन

1 Part

249 times read

12 Liked

अपनों से अंतिम आलिंगन में  आज, इक बेटी सबके दामन भिगो रही थी, कल तक जो चमक थी चेहरे पर उसके, आंसुओं से अपने वो सब धो रही थी, क्या कहूँ ...

×