शीर्षक -- आमदनी, कविता वार्षिक लेखनी प्रतियोगिता -22-Feb-2022

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आमदनी ----------- हमने बराबर, लोगों की ये शिकायत सुनी -- खर्च रुपैया, आमदनी अठन्नी। कभी सोचा कैसे हो दुगुनी, कि आराम से चले खर्च-पानी ? मंहगाई ने याद दिलाई नानी, और ...

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