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सरसी छंद आने वाले हैं रे प्रियतम , करें पुष्प सिंगार । उपवन महका गलियाँ महकीं , बजे मृदुल झङ्कार ॥ नयनों में उल्लास समाया , अरु अधरों पे प्यास । ...