खता क्या थी मेरी ?

11 Part

574 times read

19 Liked

गतांक से आगे…      ठाकुर साहब का आज मन बहुत भारी था कनक की दुःख भरी दास्तां सुनाने के बाद बरबस आंखों से आंसू आये जा रहे थे।आज ठाकुर साहब ने ...

×