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विधा मनहरण घनाक्षरी महारानी लक्ष्मी बाई आजादी की चिंगारी थी बैरियों पर भारी थी गोरों के छक्के छुड़ाए लक्ष्मी वीर नारी थी तेज था तलवारों में ओज भरा हूंकारों में रणचंडी ...