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मुक्ति ------- मन-पंछी को चाहिए खुला आकाश ! अज्ञान के अंधेरे कोनों से मुक्ति, स्वतंत्र चिंतन एवं अभिव्यक्ति, नवल चेतना का धवल प्रकाश! वर्जनाओं से मुक्ति, स्वछंद विचरण की युक्ति। किंतु ...