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मूल्यांकन ----------- परिवार, समाज, राष्ट्र, मानवता के प्रति, हम अपने कर्तव्यों का सदा करें स्मरण, यथासंभव अनुपालन। स्वार्थ, संकीर्णता, भय, लोभ का हो संवरण, सन्मार्ग से न हो विचलन, सतत् चिंतन, ...