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काव्य प्रतियोगिता विषय - प्रभात विधा कविता भोर की किरणें उजाला फैला रही है। सोई हुई ह्रदय की चेतना जगा रही है।। अंतर्मन से मिटा अंधकार ताजगी ला रही है। घट ...