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मर्यादा (दोहावली) पापा की प्यारी परी,ओढ़ चुनरिया लाल। छोड़ मायके की गली, चली आज ससुराल।। गुड्डे गुडिया रो रहे, करते करुण पुकार। हमको भी तो ले चलो, बचपन के हम यार।। ...