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"प्रतीक्षा" सार छंद तिमिर घोर घनघोर निशा है, अन्धकार है छाया। हिय में तेरी चाह सँजोये, मन मेरा मुस्काया।। रोम-रोम हैं मेरे पुलकित, दुष्कर बड़ी प्रतीक्षा। तेरे आने ...