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*!! सुप्रभात...!!* भोर सुहानी हो गई बिखरा सूर्य प्रकाश । विलुप्त हुई चांदनी चांद की अरूणमय हुआ आकाश ।। हे मनुज ! तुम उठो नींद करो नया कुछ काज । कर्म ...