खुशबू हरसिंगार की

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ओ हरसिंगार , तेरी खुशबू का कोई सानी नहीं  बिना तेरे कोई रवानी नहीं  शब भर महक फैलाता है  सुबह भू पर बिखर जाता है  रात को जब  चांद अपनी चाँदनी ...

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