लेखनी प्रतियोगिता -23-Jun-2022

1 Part

290 times read

17 Liked

खुद को आसान कर रही हो ना हम पे एहसान कर रही हो ना ज़िन्दगी हसरतों की मय्यत है फिर भी अरमान कर रही हो ना नींद, सपने, सुकून, उम्मीदें कितना ...

×