लेखनी कहानी -24-Jun-2022

1 Part

260 times read

12 Liked

हां शायद मेरी खामोशी तुम ना समझो, लेकिन मुझे लगता है कहीं ना कहीं मेरे लिए तुम भी बेकरार हो। मैं तुम्हें याद करती हूं इस बात से, तुम अनजान बनते ...

×