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शायद तुम नहीं आओगे ! सुनो आज फिर उसी रेस्तरां में मैं अकेला बैठी हूं, जहां ! हम दोनों हुआ करते थे, एक कप काॅफी तुम्हारे लिए भी मंगवाई है शायद ...