तन्हाई प्रतियोगिता हेतु लेखनी कविता -02-Jul-2022

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तन्हाई   रूठा हूं मैं आपसे मुझे मना लो ना कहीं मत जाओ मेरे पास आओ ना दिन बीत रहा है मेरे साथ गुजारो ना कुछ सही नहीं चल रहा है ...

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