बरसात

1 Part

393 times read

14 Liked

                     बरसात वो सोखियाँ वो बालपन इन हवाओं का, रास्ता देखे बहारों में बहती हवाएँ। उमड़ती घरघराती ये तेज़ हवाओ का काफिला मौसम को आज फिर से शरारत सूझी है। सूरज छुप ...

×