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बरसात वो सोखियाँ वो बालपन इन हवाओं का, रास्ता देखे बहारों में बहती हवाएँ। उमड़ती घरघराती ये तेज़ हवाओ का काफिला मौसम को आज फिर से शरारत सूझी है। सूरज छुप ...