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शीर्षक = पतझड़ का मौसम सुबह के सात बजे थे। नाश्ते की मेज पर बैठी अमृता जी ने आवाज़ लगायी " बेटा अमर आ कर नाश्ता कर लो देखो मेने तुम्हारी ...