जिया ही नहीं

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1212-1122-1212-22/112 तुम्हारे बाद खुशी का कोई पता ही नहीं, जिया मैं खूब मग़र ज़िन्दगी जिया ही नहीं//1 ये इत्तेफाक बड़ा ही अजीब है शायद, लिखा तो खूब मग़र तुझपे कुछ लिखा ...

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