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चकाचौंध शहर की चकाचौंध बड़ी, खींचे अपनी और घड़ी घड़ी। ऊंचे ऊंचे महल दुमहले, मानो अपनी और बुलाते । देखो यहांँ मतलबी सा जीवन, कोई किसी से मतलब ना रखें। अपने-अपने ...