लेखनी कहानी -10-Aug-2022

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   *सजनी और सावन* पावन सावन आ गया, बूँद पड़े चहुँओर। सजनी तेरी याद में, भीग रहा मन मोर।। बरस रही है झूम के, देख घटा घनघोर। आली तेरी चाह में, ...

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