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शीर्षक=पूर्णिमा का चांद आज पूर्णिमा की रात थी,१४ दिन की परिक्रमा पूरी कर आज चांद अपने पूर्ण रूप में आ चुका था । आज उसकी मनमोहक चांदनी धरती को नहला रही ...