नागपूजा

75 Part

101 times read

0 Liked

प्रात:काल था। आषाढ़ का पहला दौंगड़ा निकल गया था। कीट-पतंगे चारों तरफ रेंगते दिखायी देते थे। तिलोत्तमा ने वाटिका की ओर देखा तो वृक्ष और पौधे ऐसे निखर गये थे जैसे ...

Chapter

×