इच्छाओं का अंत नहीं आ जाओ

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अंत नहीं इच्छाओं का कोई अंत नहीं वह तो कभी  होती समाप्त नहीं एक हुई पूरी यहां तो दूसरी जन्मे उससे पहले। इनका कोई अंत नहीं थोड़ा खुद को संभाले आज ...

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