1 Part
285 times read
17 Liked
गुरु दीपक सा जलता है गुरु चमक शिष्य को देता गुरु स्वयं तमस में रहता है ज्योतिर्मय जग करता है कभी मरुष कभी मृदुल बनता है कच्ची माटी को मूरत गढ़ता ...