लेखनी प्रतियोगिता -06-Sep-2022

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तुम्हारा प्रेम सागर जितना गहरा है तुम नीला गगन सी दिखती हो तुम्हारा बोली कोयल सा प्यारा है तुम झरना जैसी बहती हो तुम्हारा मन इतना चंचल है तुम लोगो का ...

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