मानसरोवर--मुंशी प्रेमचंद जी

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बेटों वाली विधवा मुंशी प्रेम चंद 4) फूलमती की संपूर्ण आत्मा मानो इस वज्रपात से चीत्कार करने लगी। उसके मुख से जलती हुई चिनगारियों की भाँति यह शब्द निकल पड़े- 'मैंने ...

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