लेखनी प्रतियोगिता -10-Sep-2022

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सहने लायक नहीं है फिर भी हम सह रहे है कहने लायक नहीं है फिर भी हम कह रहे है  क्या हुआ आंखो से आंसू नहीं बह रहे  फिर भी बदन ...

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