लेखनी कहानी -22-Sep-2022

1 Part

370 times read

14 Liked

हौसलों और उमीदों का पानी  कभी सूखे नहीं  दिल का दरिआ कभी  इनसे महरूम न हो  कशमकश का कारवां इतना आगे न बढ़ जाए  की करना क्या और जाना कहाँ  खुद ...

×