लेखनी कहानी -09-Oct-2022

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चाहे हज़ार बंद हो रस्ते  खुल ही जायेंगे  कांटे बिछे राहों से भी  सलामत निकल ही जायेंगे  कोहरे से अगर न दिखे रास्ता  थोड़ी दूर तो टहल ही आएंगे . ...

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