लेखनी प्रतियोगिता -20-Oct-2022

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 दिल  दिल की बात जुबान पर आती नहीं है तेरे बिन अब सांस चलती नहीं है कहाँ न ढूढ़ा तुझे ओ मेरे महबूब  देखू न तेरा चहरा तो राते कटती नहीं ...

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