लेखनी प्रतियोगिता -29-Oct-2022

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मोहब्बत की ये बेरुखी लगता है कि अब तुम मेरे कभी हो नहीं पाओगे  मैं तुम्हे चाहता हूं सनम, लगता है कि अब दोबारा कभी हमे मिल नहीं पाओगे चले थे ...

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