लेखनी प्रतियोगिता -08-Nov-2022

1 Part

253 times read

18 Liked

भयानक वो मंज़र खुद ही ना मिला पाओगे नजर एक निर्दोष का देख हाल खा गया दहेज का भंवर उसे निगल उसे अपनी का बिछाया हुआ जाल किसी ने कीमत लगाकर ...

×