लेखनी कहानी -12-Nov-2022

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दौर  वो तटस्थ भाव से देख रही थी दौरे ज़िन्दगी को , कभी निहाल होती अपनी जीवन की उपलब्धियों पर , तो कभी रूह काँप जाती तेज रफ़्तार ट्रैक बदलती ज़िन्दगी ...

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