लेखनी प्रतियोगिता -12-Nov-2022 महकती सांस

1 Part

437 times read

23 Liked

महकती सांस  सुहाने ख्वाब अब दिल में जगा महका गया सावन,। मगर हर पल महकती सांस को तरसा गया सावन। बरसती बूंद बादल से धरा तपती हुई शीतल, पिया आओ हमारे ...

×