1 Part
437 times read
23 Liked
महकती सांस सुहाने ख्वाब अब दिल में जगा महका गया सावन,। मगर हर पल महकती सांस को तरसा गया सावन। बरसती बूंद बादल से धरा तपती हुई शीतल, पिया आओ हमारे ...