रक्षा बंधन

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आज के शुभ अवसर पर मेरी एक स्वरचित रचना  मनोहर छवि मेरे श्याम की,  बस आस करुं मैं दर्शन की। वो शुभ दिन कब आएगा? कामना पूर्ण हो जब मेरे मन ...

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